जब से मैंने तुझ को देखा
मैं तुझ को चाहने लगा
तेरा ही चेहरा मेरे ख्वाबो मैं आने लगा
देखा जो मन के शीशे में
तो खुंड को समझने लगा
देकर दिलासा इस दिल को सहलाने लगा
फिर भी दिल का हर टुकड़ा तुम मेरे हो गाने लगा
जब से तू बना हमसफ़र मेरा
खत्म कभी न हो ये सफर
यही दुआ मन मेरा मुझसे करवाने लगा
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